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गौशाला संचालन में आ रहीं परेशानियों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

उरई। प्रदेश सरकार के आदेश पर जिले में गांव-गांव खुलीं गौशालाओं की स्थिति बद से बदतर है। तमाम प्रयासों के बाद भी इन गौशालाओं की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।



उरई। प्रदेश सरकार के आदेश पर जिले में गांव-गांव खुलीं गौशालाओं की स्थिति बद से बदतर है। तमाम प्रयासों के बाद भी इन गौशालाओं की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।वहीं समाजसेवी संगठन व अन्य लोगो द्वारा कर्मचारियों पर वेवजह दबाब बनाया जा रहा है इसको लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति द्वारा गुरूवार को डीएम को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उन्होने गौशालाओं के संचालन में आ रहीं समस्याओं के बारे में बताया। 


जिलाधिकारी डा.मन्नान अख्तर को दिए गए ज्ञापन में ग्राम पंचायत, विकास अधिकारियों ने बताया कि गौशालाओं के संचालन में काफी दिक्कतें आ रहीं है जिसमें प्रमुख रूप से समय से फर्मो का भुगतान न होना, गौवंश के लिए मांग के अनुरूप घास/भूसा के लिए धनराशि उपलब्ध न होना, स्थलों पर गौवंश की क्षमता का निर्धारण न होना, आश्रय स्थलों में कार्यरत श्रमिकों के भुगतान हेतु स्पष्ट दिशा निर्देशों का न होना, मृत गौवंश के निस्तारण व्यवस्था हेतु स्पष्ट निर्देशों का न होना, गौवंश हितार्थ आदि का सहयोग न मिलना, गौवंश के स्वास्थ्य चिकित्सा हेतु सर्दी बरसा से सुरक्षा हेतु स्पष्ट निर्देशों का न होना आदि प्रमुख है।


उन्होने कहा कि ग्राम पंचायतों में गौआश्रम स्थलों में गौवंश को सर्दी वर्षा से बचाने के लिए मनरेगा योजना के अतिरिक्त अन्य योजनाओं से टीन शेड व अन्य व्यवस्था हेतु निर्देश दिए गए है। उनके सापेक्ष सक्षम अधिकारियों द्वारा वित्तीय स्वीकृति प्राप्त नहीं हो रहीं है। साथ हीं यह कहा जा रहा है कि गाइडलाइन के अनुसार यह कार्य अनुमन्य नहीं है। उन्होने मांग की है कि इस विषय पर उचित निर्देश प्रदान किए जायें। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष रामबिहारी वर्मा, पवन तिवारी, महेन्द्र कुमार, नौशाद अली आदि मौजूद रहें।


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