विद्यार्थी परिषद और समाजवादी छात्रसभा के बीच हुई वर्चस्व को लेकर जूतम पजार

मामला डीवीसी उरई का 


>मौके पर क्षेत्राधिकारी सदर और कई थानो की पुलिस पहुंचीं। 
>दोनो दलो की हटाई गई होर्डिग्स। 


उरई। वर्चस्व को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और समाजवादी छात्रसभा में हुआ जूतम पजाड़। और देखते ही देखते दोनो संगठनो से उनके पदाधिकारी, कार्यकर्ता एकत्रित हो गए। मामला अति गंभीर होता देख प्रभारी प्रधानाचार्य त्वरित कार्यवाही करते हुए क्षेत्राधिकारी सदर को सूचित किया और कोई घटना घटे इससे पहले हीं भारी पुलिस बल सहित क्षेत्राधिकारी मौंके पर पहुंच गए। किसी तरह से समझा बुझाकर मामला खत्म हुआ। 



अजनारी रोड पर स्थित दयानंद वैदिक महाविद्यालय जहां वर्चस्व को लेकर दो संगठन आपस में टकरा गए। मिलीं जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा कालेज के बाहर कुछ पंपलेट लगाए गए थे जिसमें लिखा था कि बिना परिचय पत्र के किसी को भी प्रवेश न दिया जायें इस तरह की भाषा लिखने का अधिकार सिर्फ कालेज प्रशासन को है न कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को। इस तरह के पंपलेटो को समाजवादी छात्रसभा के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा फाड दिया गया। इस तरह के आरोप लगाए जा रहें है।


वहीं कालेज कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की होर्डिग लगी हुई थी और होर्डिग लगाने के लिए समाजवादी छात्रसभा संगठन भी उताबला था कि वों भी कैंपस के अंदर होर्डिग लगायेंगा। हालांकि होर्डिग के मामलें में प्रभारी प्रधानाचार्य डा0 सुरेन्द्र सिंह चौहान का कहना है कि कैंपस के अंदर किसी तरह की कोई होर्डिग नहीं लगी हुई थी। इसी बात को लेकर दोनो संगठनो के बीच वाद-विवाद पैदा हो गया और देखते ही देखते दोनो ओर से लोग एकत्रित होने लगे। वहीं समाजवादी छात्रसभा के बाबा पाल और जीतू यादव घायल हो गए। जबकि विवाद अंकित रावत और बाबा पाल के बीच हुआ था और सूचना के बाद नित्यानंद चतुर्वेदी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं श्यामजी आदि भी मौके पर पहुंच गए। क्लास रूम में रखीं कुर्सी मेज भी एक दूसरे को मारने के लिए उपयोग में लाई गई।



चूंकि इस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार है और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उन्हीं का एक संगठन है। बैनर और पोस्टर की लडाई जो कि अहम में बदल गई और समाजवादी छात्रसभा को कमजोर करने के लिए विद्यार्थी परिषद एवं छात्रसभा ने अपनी अपनी जोर आजमाईश कर डाली। हालांकि किसी भी संगठन के लोग ज्यादा चुटहिल नहीं हुए है। वहीं दोनो पक्षों द्वारा तहरीर दी गई है। क्षेत्राधिकारी सदर संतोष कुमार ने बताया कि निष्पक्ष कार्यवाही होगी और जो इसमें दोषी पाया जायेंगा उसके खिलाफ मामला भी पंजीकृत करके कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जायेंगी।


उन्होंने यह भी कहा कि कानून से खिलबाड करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी गई। वो चाहें सत्ता को हो या फिर किसी अन्य दल का। वहीं घटना की सूचना मिलते ही मौके पर शहर कोतवाल शिवगोपाल वर्मा एवं डकोर थाना प्रभारी निरीक्षक बीएल यादव, जालौन कोतवाल सुनील यादव, कोटरा थाना प्रभारी निरीक्षक विनय दिवाकर मय फोर्स के मौके पर पहुंच गए। वहीं कोतवाल शिवगोपाल वर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व समाजवादी छात्रसभा के छात्रों की जो होर्डिग्स लगीं हुई थी उन्हें हटा दिया गया है।